चीन सीमा विवाद में राहुल गांधी का बयान
चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिसंबर 2022 में बड़ा दावा किया था कि चीन ने भारत के लगभग 2,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि गालवां में भारत के 20 सैनिक मारे गए और “चीन हमारे जवानों को थ्रैश कर रहा था”। यह बयान उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिया था। चीन सीमा विवाद से जुड़ी उनकी टिप्पणी ने देश में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी चीन सीमा विवाद पर
4 अगस्त 2025 को, सुप्रीम कोर्ट ने चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट ने पूछा—
“आपको कैसे पता चला कि चीन ने 2,000 वर्ग किमी जमीन कब्जा की?”
कोर्ट ने कहा कि यदि वे सच्चे भारतीय होते, तो ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देते। सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि चीन सीमा विवाद जैसे गंभीर मसले सोशल मीडिया पर नहीं बल्कि संसद में उठाने चाहिए।
हालांकि, कोर्ट ने मानहानि मामले में राहुल गांधी को अस्थायी राहत दी और प्रक्रिया पर रोक लगाई। इसके बावजूद, चीन सीमा विवाद पर उनके बयान पर न्यायपालिका की नाराज़गी स्पष्ट रही।
भाजपा का तीखा हमला चीन सीमा विवाद पर
चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भाजपा ने उन्हें आड़े हाथों लिया। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीया ने उन्हें “certified anti-national” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चीन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे उनकी नीयत पर सवाल खड़े होते हैं।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी ने चीन सीमा विवाद को लेकर भारतीय सेना का अपमान किया है। उन्होंने उनसे माफी की मांग की और आरोप लगाया कि राहुल की बातें सेना का मनोबल गिराने वाली हैं।
भाजपा नेताओं का मानना है कि चीन सीमा विवाद पर इस तरह के गैर-जिम्मेदार बयानों से राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुँच सकता है और इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी असर पड़ सकता है।

कांग्रेस का पलटवार: “DDLJ” रणनीति का आरोप
चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने सरकार पर “DDLJ” रणनीति अपनाने का आरोप लगाया, जिसका अर्थ है – Deny, Distract, Lie, Justify। उन्होंने सरकार से यह सवाल पूछा कि:
- प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को चीन सीमा विवाद पर क्या कहा था?
- क्या भारत ने 26 पेट्रोलिंग पॉइंट्स खो दिए हैं?
- भारत–चीन व्यापार घाटा क्यों बढ़ रहा है?
कार्ति चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर कहा कि चीन सीमा विवाद पर नेता का बोलना लोकतंत्र का हिस्सा है और यह मौलिक अधिकार है।
राजीव शुक्ला ने ANI से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी की चिंताएं जायज हैं और केंद्र सरकार को उनका जवाब देना चाहिए, न कि ध्यान भटकाना चाहिए।
Rahul Gandhi ECI Rigging Allegations Shake Political Discourse

