गूगल ChromeOS Android मर्ज करने की दिशा में आखिरकार आधिकारिक मुहर लग गई है। यह खबर लंबे समय से चर्चाओं में थी लेकिन अब गूगल के वरिष्ठ अधिकारी समीर समत ने खुद इसकी पुष्टि की है। समत, जो कि एंड्रॉयड ईकोसिस्टम के प्रेसिडेंट हैं, उन्होंने यह खुलासा टेकरेडार को दिए इंटरव्यू में किया।
इस पुष्टि के साथ साफ हो गया है कि गूगल अब लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन को एकीकृत अनुभव देने के लिए Android और ChromeOS को एक साझा प्लेटफॉर्म में बदल रहा है।
क्यों कर रहा है गूगल यह बड़ा बदलाव?
गूगल का उद्देश्य एक ऐसा एकीकृत प्लेटफॉर्म बनाना है जो सभी फॉर्म फैक्टर्स — लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन — पर बेहतर समन्वय और यूजर एक्सपीरियंस दे सके। इससे यूज़र्स को Apple के जैसे एक interconnected इकोसिस्टम मिलेगा, जहां एक ही सॉफ्टवेयर पर कई डिवाइसेज चल सकें।
गूगल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव से मल्टीटास्किंग और AI इंटीग्रेशन जैसे फीचर्स को आसानी से लागू किया जा सकेगा।
शुरू हो चुका है टेक्निकल विलय
साल 2024 की शुरुआत में ही गूगल ने Android कर्नल के कुछ हिस्सों को ChromeOS में मर्ज करना शुरू कर दिया था। इसका उद्देश्य था:
- Android और ChromeOS के बीच कोडबेस साझा करना
- AI फीचर्स को तेजी से रोलआउट करना
- विभिन्न हार्डवेयर पर एक ही OS एक्सपीरियंस देना
यह पहला संकेत था कि गूगल किसी बड़े सॉफ्टवेयर परिवर्तन की दिशा में बढ़ रहा है।
Apple के जैसा इकोसिस्टम?
समीर समत ने एक रिपोर्टर से बातचीत के दौरान कहा:
“मैंने Apple डिवाइसेज (MacBook, iPhone, Apple Watch) का उपयोग जानना चाहा क्योंकि हम ChromeOS और Android को मिलाकर एक सिंगल प्लेटफॉर्म बना रहे हैं। हमें समझना है कि लोग अपने डिवाइसेज का इस्तेमाल कैसे करते हैं।”
इस बयान से साफ होता है कि गूगल अब Apple जैसी गहरी डिवाइस इंटीग्रेशन की दिशा में सोच रहा है, ताकि वह बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सके।

Pixel लैपटॉप होगा नया प्लेटफॉर्म का पहला उदाहरण?
हाल ही में आई एक लीक के अनुसार, गूगल “Snowy” कोडनेम वाले Pixel-ब्रांडेड लैपटॉप पर काम कर रहा है, जो इस मर्ज प्लेटफॉर्म का पहला हार्डवेयर बन सकता है। इसके अलावा Android 16 में कुछ ऐसे फीचर्स शामिल होंगे जो लैपटॉप जैसे अनुभव देंगे:
- मल्टी-विडो सपोर्ट
- एक्सटर्नल डिस्प्ले डेस्कटॉप मोड
- टच और कीबोर्ड दोनों के लिए समान UI
- टैबलेट में लैपटॉप जैसा उपयोग
Android 16 से शुरू होंगे बड़े बदलाव
Android 16 अपडेट, जो 2025 में रोलआउट होगा, में गूगल कुछ प्रमुख परिवर्तन लाएगा ताकि यह नया unified platform प्रयोग में लाया जा सके। इनमें शामिल होंगे:
- AI इंटीग्रेटेड UI टूल्स
- Continuity features (एक डिवाइस से दूसरे पर seamless shift)
- वर्चुअल कीबोर्ड और मल्टीटास्किंग UI
- मैकबुक-जैसे एक्सपीरियंस देने वाले फीचर्स
इसका क्या होगा असर?
यूज़र्स के लिए:
- अब स्मार्टफोन और लैपटॉप का इंटरफेस एक जैसा होगा
- Google डिवाइसेज पर ऐप्स का अनुभव ज्यादा consistent होगा
- डिवाइस स्विच करना आसान होगा, बिना किसी डेटा लॉस के

डेवलपर्स के लिए:
- एक प्लेटफॉर्म पर ऐप डेवेलपमेंट से कम समय और ज्यादा यूजर रीच
- Android और ChromeOS के लिए अलग-अलग वर्जन नहीं बनाने होंगे
- UI और UX डिजाइन सिंगल कोडबेस पर आधारित होगा
बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के लिए:
- Apple के iOS+macOS इंटीग्रेशन को सीधी टक्कर
- Microsoft के Windows ARM वर्जन से मुकाबला
- Chromebook और Pixel सीरीज़ में नई जान
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