केरल में एक बार फिर निपाह वायरस (Kerala Nipah Virus) ने डर का माहौल बना दिया है। पालक्काड जिले में 57 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध मौत ने राज्य भर में स्वास्थ्य सतर्कता को बढ़ा दिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब उस व्यक्ति की रिपोर्ट मंजेरी मेडिकल कॉलेज में पॉजिटिव आई। अब अंतिम पुष्टि पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) से आने का इंतजार किया जा रहा है।
यह इस महीने का दूसरा संदिग्ध निपाह से जुड़ा मामला है। इससे पहले मलप्पुरम जिले के एक व्यक्ति की इसी संक्रमण से मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

संपर्क में आए 543 लोग निगरानी में
सरकार ने फौरन संपर्क ट्रेसिंग और फील्ड-लेवल निगरानी बढ़ा दी है। अब तक 543 लोगों को निपाह वायरस संपर्क सूची में शामिल किया गया है। इनमें से 46 लोग हाल ही में मृत व्यक्ति के सीधे संपर्क में आए थे। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन डेटा का भी इस्तेमाल किया गया है। एक विस्तृत मार्ग नक्शा और पारिवारिक पेड़ तैयार किया गया है जिससे नजदीकी संपर्कों की पहचान की जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “फील्ड टीमों को और मजबूत किया गया है, और सभी उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।”
हॉस्पिटलों को अलर्ट जारी

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के छह जिलों — पालक्काड, मलप्पुरम, कोझीकोड, कन्नूर, वायनाड और त्रिशूर में अस्पतालों को निपाह अलर्ट (Kerala Nipah Virus Alert) जारी किया है। निर्देश दिया गया है कि बुखार और निपाह जैसे लक्षण वाले मरीजों की तुरंत सूचना दी जाए। इनमें उच्च बुखार और इंसेफेलाइटिस जैसे लक्षण शामिल हैं।
अस्पतालों में नए निर्देश
सरकार ने अस्पतालों में गैर-ज़रूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है। मरीजों के साथ केवल एक बायस्टैंडर को ही अस्पताल में अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, सभी मरीजों, बायस्टैंडर्स और हेल्थकेयर वर्कर्स को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है।
जागरूकता और सावधानी ही बचाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस एक जूनोटिक वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह संक्रमित भोजन या इंसान से इंसान के संपर्क से भी फैल सकता है।
निपाह वायरस बेहद घातक होता है और इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता जरूरी है। लक्षण दिखते ही जांच कराना और संपर्क में आए लोगों की निगरानी करना इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम हैं।
संक्रमण का स्रोत
निपाह वायरस आमतौर पर चमगादड़ों (fruit bats) से फैलता है और खजूर के रस, संक्रमित जानवरों, या संक्रमित इंसानों के संपर्क में आने से फैल सकता है।
निपाह वायरस पर WHO की आधिकारिक जानकारी पढ़ें
स्वास्थ्य विभाग की अपील
पालक्काड और मलप्पुरम जिले के लोगों से अपील की गई है कि वे अस्पतालों में गैर-जरूरी विजिट से बचें और स्वास्थ्य नियमों का पालन करें। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए व्यक्तिगत सावधानी जरूरी है।
निपाह वायरस की स्थिति पर सरकार की नजर बनी हुई है और जैसे ही पुणे की लैब से रिपोर्ट आती है, उसके अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
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