बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव की हालिया रिलीज फिल्म ‘मालिक’ ने पहले वीकेंड में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बॉक्स ऑफिस पर ₹14 करोड़ की कमाई की है। यह फिल्म 11 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अपने पहले तीन दिनों में ही दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रही।
फिल्म मालिक की कहानी
‘मालिक’ की कहानी उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की 1980 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फिल्म एक ऐसे आम आदमी की कहानी है जो हालातों से मजबूर होकर अपराध की दुनिया में कदम रखता है और एक गैंगस्टर बन जाता है। फिल्म में समाज, राजनीति और अपराध के जटिल संबंधों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिपोर्ट
ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक:
- पहले दिन (11 जुलाई): ₹3.75 करोड़
- दूसरे दिन (12 जुलाई): ₹5.25 करोड़
- तीसरे दिन (13 जुलाई): ₹5.09 करोड़
इस तरह फिल्म ने कुल मिलाकर पहले वीकेंड में ₹14.09 करोड़ की कमाई की है।
निर्देशन और कलाकारों का प्रदर्शन
फिल्म का निर्देशन पुलकित ने किया है, जो अपनी यथार्थवादी स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में:
- राजकुमार राव ने एक गंभीर और दमदार गैंगस्टर की भूमिका निभाई है।
- बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी का किरदार कहानी में गहराई लाता है।
- पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर ने भी इस फिल्म से एक सशक्त किरदार में वापसी की है।
- स्वानंद किरकिरे, सौरभ शुक्ला, और अंशुमान पुश्कर भी अहम भूमिकाओं में नजर आए।
फिल्म का निर्माण
‘मालिक’ का निर्माण कुमार तौरानी (टिप्स फिल्म्स) और जय शेवक्रमणी (नॉर्दर्न लाइट्स फिल्म्स) ने मिलकर किया है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और संवाद दर्शकों को बांध कर रखने में सफल रहे हैं।

दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म को मिश्रित लेकिन सकारात्मक समीक्षा मिली है। कई दर्शकों ने राजकुमार राव की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की है और फिल्म की रीयलिस्टिक कहानी को सराहा है। फिल्म के डायलॉग्स और सिनेमेटोग्राफी भी खास आकर्षण का केंद्र बने हैं।

संभावित कमाई और भविष्य
अगर ‘मालिक’ की यही गति बनी रही तो फिल्म जल्द ही ₹25 करोड़ क्लब में प्रवेश कर सकती है। वर्ड ऑफ माउथ (Word of Mouth) प्रचार इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को और भी मजबूती दे सकता है।
फिल्म से जुड़ी खास बातें
- ‘मालिक’ का बैकग्राउंड स्कोर 80 के दशक के गैंगस्टर फिल्मों की याद दिलाता है।
- शूटिंग का अधिकांश भाग वास्तविक लोकेशनों पर किया गया, जिससे फिल्म को यथार्थता मिली।
- यह फिल्म राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं को छूती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।
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