Vietnam की Vinfast कंपनी ने भारत में खोला अपना पहला EV प्लांट, दक्षिण भारत से एशिया में करेगी विस्तार
Thoothukudi, Tamil Nadu – वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी Vinfast ने तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में सोमवार को अपने पहले भारतीय EV कारखाने की शुरुआत की। 500 मिलियन डॉलर की इस परियोजना का उद्देश्य भारत में EV सेक्टर में क्रांति लाना है और साथ ही साथ दक्षिण एशिया, मिडल ईस्ट और अफ्रीकी देशों में एक्सपोर्ट हब तैयार करना है।
यह फैक्ट्री शुरुआती चरण में हर साल 50,000 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाएगी, जिसे बढ़ाकर 1.5 लाख तक किया जा सकता है। इस पहल से 3,000 से अधिक स्थानीय नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
क्यों चुना Vinfast ने भारत को?
Vinfast ने भारत में 6 राज्यों के 15 लोकेशनों को स्कैन करने के बाद तमिलनाडु को चुना। इसकी वजह इस राज्य की मजबूत ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, कुशल श्रमिक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन का समर्थन है।
तमिलनाडु के उद्योग मंत्री T.R.B. राजा ने कहा:
“यह निवेश दक्षिण तमिलनाडु में एक नया इंडस्ट्रियल क्लस्टर तैयार करेगा, जो भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में जरूरी कदम है।”
एशिया में Vinfast का बड़ा दांव
Vinfast अब अपने फोकस को अमेरिका और यूरोप से एशिया की ओर शिफ्ट कर रही है।
- इंडोनेशिया में $200 मिलियन का EV असेंबली प्लांट पहले ही शुरू किया जा चुका है।
- थाईलैंड और फिलीपींस में भी विस्तार की योजना पर काम चल रहा है।
2024 में Vinfast ने 97,000 वाहन बेचे, जो 2023 के मुकाबले तीन गुना ज़्यादा था। लेकिन इनमें से सिर्फ 10% ही वियतनाम के बाहर के थे। भारत जैसे विशाल और उभरते हुए बाजार में Vinfast को बड़े मौके दिख रहे हैं।
भारत का EV बाजार: चुनौतियां और संभावनाएं
भारत 2024 में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट बन चुका है। यहाँ EV ग्रोथ की मुख्य वजह है दो और तीन पहियों वाली गाड़ियों का तेज़ी से बिकना।
- EV की कुल बिक्री में 86% योगदान 2/3 व्हीलर्स का है।
- चार पहिया EV सिर्फ 2.5% हैं लेकिन इनकी बिक्री 2019 में 1,841 से बढ़कर 2024 में 1.1 लाख हो गई।
EV बिक्री और सरकारी पॉलिसी पर विस्तृत रिपोर्ट देखें
भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सभी पैसेंजर वाहनों में EV का हिस्सा 33% हो।

चीन की कंपनियों से अलग कैसे है Vinfast?
भारत ने 2020 में चीन के साथ सीमा विवाद के बाद कंपनियों जैसे BYD को अपने कारखाने खोलने की अनुमति नहीं दी। इसी कारण चीन की MG मोटर को JSW के साथ साझेदारी करनी पड़ी।
Vinfast इस जियोपॉलिटिकल तनाव से बची हुई है और भारत की ‘Make in India’ पॉलिसी के तहत टैक्स ब्रेक्स, सस्ती ज़मीन और अन्य प्रोत्साहन का लाभ ले सकती है।
Vinfast के मॉडल्स: VF6 और VF7
Vinfast भारत में अपने VF6 और VF7 SUV मॉडल्स को इस साल के अंत तक लॉन्च करने वाली है। यह गाड़ियाँ:
- Long Range Battery
- फास्ट चार्जिंग सपोर्ट
- इंडिया की सड़कों और कंज़्यूमर टेस्टिंग के हिसाब से बनी हैं।
इंडिया में नेटवर्क: 32 डीलरशिप, 27 शहरों में
Vinfast ने भारत के 27 शहरों में 32 डीलरशिप खोलने की घोषणा की है। ये डीलरशिप न सिर्फ सेलिंग बल्कि सर्विसिंग और EV चार्जिंग के लिए भी होंगी। कंपनी भारत में ही:
- बैटरी और पावरट्रेन बनाएगी,
- बैटरियों को रीसायकल करेगी,
- लोकल कंपनियों के साथ चार्जिंग नेटवर्क बनाएगी।
क्या Vinfast टाटा और महिंद्रा को टक्कर दे पाएगी?
भारत के EV मार्केट में Tata Motors और Mahindra का मजबूत दबदबा है। Tata की Nexon EV पहली मेनस्ट्रीम EV बनी जिसने बाजार में धूम मचाई। Mahindra ने भी XUV400 और अन्य मॉडल्स से पकड़ बनाई है।
Vinfast को भारत में:
- किफायती दाम,
- भरोसेमंद सर्विस,
- लोकल प्रोडक्शन,
- और पब्लिक ट्रस्ट जीतना होगा।
लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत है – नो जियोपॉलिटिकल रिस्क और तेज़ी से स्केल करने
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