Code of Change: How Dantewada Is Empowering Tribal Youth Through ‘Nav Gurukul’ – Top15News: Latest India & World News, Live Updates

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिला ‘नव गुरुकुल’ अभियान के माध्यम से तकनीकी रूप से कुशल, बाजार-तैयार युवा तैयार कर अपनी एक नई पहचान बना रहा है। जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के अनुसार, यह पहल ‘शिक्षा नगरी’ से संचालित होती है, जिसमें कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर कौशल जैसे आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के लिए 30-50 छात्रों का चयन कर उन्हें रोजगार योग्य बनाया जा रहा है।

पिछले वर्ष इस अभियान के तहत 30 छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर उल्लेखनीय प्लेसमेंट प्राप्त किया। कलेक्टर दुदावत ने बताया, “हम दंतेवाड़ा के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार कर उन्हें कंपनियों में रोजगार दिला रहे हैं।”

स्कूल शिक्षा में तकनीकी इंटीग्रेशन

जिला प्रशासन ने छात्रों को एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी से अवगत कराने हेतु एक विज्ञान केंद्र स्थापित किया है, जिसे स्कूल शिक्षा से जोड़ा गया है ताकि छात्र प्रारंभिक स्तर पर ही तकनीकी दुनिया से परिचित हो सकें।

स्नातक और पॉलिटेक्निक पास छात्रों को डेढ़ साल के प्रशिक्षण में कोडिंग और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें तकनीकी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

दो कोर्स: कोडिंग और बिज़नेस

‘नव गुरुकुल’ में प्रवेश और आउटरीच संभाल रही तृप्ति बिसेन ने बताया कि दो पाठ्यक्रम – कोडिंग और बिज़नेस – संचालित हो रहे हैं।

  • कोडिंग कोर्स में HTML, जावा, पायथन जैसी भाषाओं में वेबसाइट, ऐप और गेम बनाना सिखाया जाता है।
  • बिज़नेस कोर्स में स्टार्टअप, व्यवसाय शुरू करने और बेहतर रोजगार की तैयारी कराई जाती है।

फिलहाल 150 सीटों में 100 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें छात्राओं के लिए भी सीटें आरक्षित हैं। छात्र मुख्यतः कुआकोंडा, कटेकल्याण, गीदम और दंतेवाड़ा के दूरदराज गांवों से हैं। पिछले वर्ष 70 छात्रों को प्लेसमेंट मिला था।

नव गुरुकुल से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

  • दिव्या (बीजापुर) ने कहा, “मैंने छह महीने में कोर्स कर जगदलपुर की एक टेक कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी पाई। कोडिंग के अलावा टीम वर्क और लीडरशिप स्किल्स भी सीखे।”
  • देबाशीष (दंतेवाड़ा) ने कहा, “यहां बीटेक जैसे कोर्स की तुलना में पूरी तरह मुफ्त में उच्च स्तरीय कोडिंग सिखाई जाती है।”
  • गुनगुन (दंतेवाड़ा) ने बताया कि नव गुरुकुल से उनका आत्मविश्वास बढ़ा, इंग्लिश स्पीकिंग सुधरी और प्रोग्रामिंग में रुचि को वास्तविक कौशल में बदलने का अवसर मिला।

नव गुरुकुल: परिवर्तन का केंद्र

‘नव गुरुकुल’ दंतेवाड़ा में एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरा है, जो तकनीक, शिक्षा और रोजगार को जोड़कर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बना रहा है, जिससे दंतेवाड़ा की पहचान हिंसा से हटकर तकनीकी शिक्षा और विकास के मॉडल में बदल रही है।

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